Monday, March 28, 2022

हड़प्पा सभ्यता (भारतीय इतिहास भाग 3)

          ✴️हड़प्पा सभ्यता का उदय✴️
✴️1904 में लार्ड कर्जन के समय भारतीय पुरातत्व विभाग का गठन कोलकाता में हुआ जिसके प्रथम अध्यक्ष अलेक्जेंडर कनिंघम थे! 
✴️भारत की सबसे प्राचीन नगरीय सभ्यता  हड़प्पा सभ्यता है इसे सिंधु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं!

✴️1921 में जॉन मार्शल की अध्यक्षता में दयाराम साहनी के नेतृत्व में हड़प्पा की खुदाई हुई 1924 में लंदन से जॉन मार्शल ने इस सभ्यता की घोषणा की! 

✴️ हड़प्पा सभ्यता के नामकरण में मत-
🌳जॉन मार्शल ने इसे सिंधु घाटी सभ्यता का नाम दिया! इस सभ्यता का काल 4000 ईसा पूर्व का बताया है!
🌳मार्टीमर  व्हीलर ने इसे हड़प्पा सभ्यता कहा! इन्होंने इस सभ्यता का काल 2800-1500 ई.पूर्व का बताया है!
🌳अर्नेस्ट मैके में इसे हड़प्पा संस्कृति कहा! 
⛲ डॉक्टर आरके स्मिथ ने इस सभ्यता का काल 2500-1500 ई.पूर्व का बताया है!
☀ डॉक्टर आरके मुखर्जी ने इस सभ्यता का काल 2350-1750 ईसा पूर्व का माना है
🌳मेसोपोटामिया की सभ्यता में मेलुहा शब्द मिला है जिसका संबंध हड़प्पा सभ्यता से है! 
✴️ इस  सभ्यता से जुड़ी लगभग 1400 स्थल खोजे जा चुके है इसमें से लगभग 925 भारत में तथा 475 पाकिस्तान में है! 
✴️ हड़प्पा सभ्यता का उद्गम- ईरान व बलूचिस्तान की ग्रामीण संस्कृति से नगरी सभ्यता का जन्म हुआ है! 
✴️ गार्डन चाइल्ड ने सिंधु सभ्यता को प्रथम नगरी क्रांति कहा है!
✴️ हड़प्पा सभ्यता की जानकारी सबसे पहले 1826 में चालर्स मैसन  ने दि थी! 
✴️ हड़प्पा सभ्यता का काल 2300 ई. पू. से 1740 ई. पू्. (2500-1750ई.पु.)  के मध्य का था! 
⚫ सिंधु सभ्यता का क्षेत्र त्रिभुजाकार था इसका क्षेत्रफल 1299600 वर्ग किलोमीटर था!  पूर्व से पश्चिम 1600 किलोमीटर तथा उत्तर से दक्षिण 1400 किलोमीटर था! 
⚫ यह सभ्यता की खुदाई से भिन्न भिन्न प्रजातियों की अस्थि पंजर प्राप्त हुए- भूमध्य सागरीय, मंगोलियन, प्रोटो ऑस्ट्रेलियड तथा अल्पाइन 
⚫ सिंधु सभ्यता उत्तर में मांडा (जम्मू), दक्षिण में दैमाबाद पूर्व में आलमगीरपुर दक्षिण में मकरान समुद्र तट बलूचिस्तान और सुत्कागेंडोर तक फैली है! 
⚫ पासा इस काल का प्रमुख खेल था! 
⚫ माप तोल के लिए घनाकार बांटे थी और यह दशमलव पद्धति से प्रचलित थे! 
🟠 यह एक कास्यंयुगी नगरी सभ्यता थी! 
⚫ इनका समाज मातृसत्तात्मक था! 
🟠 सिंधु सभ्यता में आर्थिक स्थिति का प्रमुख आधार व्यापार एवं वाणिज्य था! 
⚫ वृक्षों में पीपल सबसे पवित्र थाl
✴️ हड़प्पा सभ्यता की लिपि की खोज 1923 में हुई जो भाव चित्रात्मक थी जो दाएं से बाएं लिखी जाती थी यह लिपि बूस्ट्रोफेडन/हलावर्त/गौमूत्रिका शैली कहलाती है सबसे ज्यादा यू (u)आकार की चित्र व मछली के चित्र मिले हैं मूल चित्रो की संख्या 64 थे! 
महत्वपूर्ण- सिंधु लिपि को पढ़ने की शुरुआत 1925 में वैडेल तथा 1934 में वैज्ञानिक पद्धति द्वारा इस लिपि को पढ़ने की कोशिश हंटर महोदय ने की!
✴️ मोहनजोदड़ो से शिव के पारंपरिक रूप की पूजा के अवशेष अर्थात पशुपति की मूर्ति मिली है इसे जैन  अनुयाई आदिनाथ की मूर्ति बताते हैं! इस सभ्यता से मंदिर के प्रमाण नहीं मिले हैं परंतु मूर्ति के प्रमाण मिले है! 


🟠 सिंधु सभ्यता के प्रमुख नगर-
✴️ हड़प्पा- दयाराम साहनी ने 1921 मे रावी नदी के तट पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मांटगोमेरी जिले में इसका उत्खनन किया था! 
यहां से सबसे अधिक अभिलेख युक्त मोहरे, पीतल की इक्का गाड़ी, स्त्री के गर्भ से निकलता पौधा, समाधान के गड्ढे में ईट लगाने के प्रमाण, कांसे  का दर्पण, सुरमा लगाने की सलाई, कर्मचारियों के आवास, लाल पत्थर से बनी पुरुष की निर्वस्त्र छड़ की आकृति, r-37 कब्र मातरदेवी की मूर्ति, लकड़ी का ताबूत, फसल रखने का खज़ाना, ताबे गलाने का पात्र इत्यादि प्राप्त हुआ! 
महत्वपूर्ण तथ्य- यहां से एबी नामक किला मिला है और यहां से   नग्न स्त्री के गर्भ से निकलता पौधा  मिला है जिसे उर्वरकता कि देवी कहा जाता है, कास्य बैल गाड़ी, स्वास्तिक चिन्ह मिला! 
🎡याद रखे- स्टुअर्ट पिग्गट ने कडप्पा को अर्द्ध औद्योगिक नगर का है
✴️मोहनजोदड़ो- इसे मृतकों का टीला भी कहा जाता है इसकी खोज 1922 में राखालदास बनर्जी ने सिंधु नदी के तट पर पाकिस्तान के लरकाना जिले में की थी! 
यहां से विशाल स्नानागार, नाव के चित्र वाली मुद्रा बौद्ध स्तूप,लिंग पूजा के प्रमाण,वृषभ की मूर्ति अन्नागार, सिटदार शौचालय, 1398 मोहरे,  पुरोहित की  छड, मिश्रित पशु की मूर्ति, नर्तकी की कांसे की मुर्ति, घोड़े के दांत, सभागार मिले है! 
महत्वपूर्ण- विशाल स्नानागार को जॉन मार्शल ने विश्व की धार्मिक महत्व की आश्चर्यजनक निर्माण कहा है! 
शिव के  प्रारंभिक रूप की मुहरे मिली है जिसे तांत्रिक मुहर या समन की मुहर कहते है! 
✴️लोथल- लोथल की खोज 1955-62 एस.आर राव ने भोगवा नदी के तट पर अहमदाबाद गुजरात में की थी यह एक बंदरगाह है! 
यहां से गोदीबाड़ा, अन्नागार, स्नानघर, नालियों की अच्छी व्यवस्था, हाथी दांत, घोड़े की मिट्टी की मूर्ति, युगल समाधान, नालियों से सोख्ता गड्ढा, औद्योगिक क्षेत्र, सेलखड़ी की मोहरे, सीप, मनके बनाने के कारखाने,अग्नि पूजा के संकेत,बाजरे के साक्ष्य, पीसने की चक्की के दो पटाल, फारस की मुद्रा के साक्ष्य मिले हैं
महत्वपूर्ण तथ्य- इसे लघु हड़प्पा भी कहा जाता है यहां से 3 युग्म समाधिया मिली है जो सती प्रथा के साक्ष्य माने जाते हैं! यहां से पंचतंत्र की लोमड़ी के चित्र भी मिले! 
✴️धौलावीरा-इसकी खोज वर्ष 1968 में पुरातत्त्वविद् जगतपति जोशी द्वारा की गई थी। यह गुजरात के कच्छ जिले में हैl इसे 2021 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत की श्रेणी में घोषित किया गया यह सबसे नवीनतम नगर है l
यह एकमात्र नगर जो 3 भागो में विभाजित था यहां से एक विशाल स्टेडियम के भी प्रमाण प्राप्त हुए हैं पोलिसदार सफेद पत्थर के साक्ष्य, तथा चट्टानों को काटकर 16 तालाब बनाने के साथ भी मिले! 
महत्वपूर्ण- धौलावीरा का अर्थ होता है सफेद कुआं
✴️कालीबंगा- यह 1953 में बीबी लाल वीके थापर ने घाघरा नदी हनुमानगढ़ जिला गंगानगर राजस्थान से  उत्खनन किया तथा इसे खोजा अमलानंद घोष ने। यहां से कहां थे व मिट्टी की चूड़ियां कच्ची ईंटों से बने 7 अग्निकुंड जूते हुए खेत तांबा गलाने की तकनीक, सिलबट्टा, मिट्टी से निर्मित भवन, तीन प्रकार के समाधान प्रथाएं मिली है! 
महत्वपूर्ण बिंदु-
कालीबंगा का अर्थ होता है काले रंग की चूड़ियां
इसे इस सभ्यता की तीसरी राजधानी डॉ दशरथ शर्मा ने कहा है
यहां से ग्रिड पेटर्न विधि से जूते खेत मिले है
यहां से शल्य चिकित्सा का वर्णन मिला है
मिट्टी से जनन अंगों के प्रतीत मिले हैं
भूकंप के साक्ष्य मिले है
 मिट्टी की अग्नि वेदिका मिली है परंतु मिट्टी की मूर्तियां नहीं मिली है। 
✴️बालाकोट- यह अरब सागर के तट में कराची के निकट का बंदरगाह है जहां से प्राग् सैंधव व  विकसित सैंधव सभ्यता के अवशेष मिले! 
✴️चंहुदडो- इसकी खोज 1931/1934 में गोपाल मजूमदार ने की थी यह पाकिस्तान की सिंध में स्थित है यहां से लिखने की चौकियां मसीपत्र सील या मुद्राओं के निर्माण के कारखाने मनका बनाने के कारखान ईटों से बनी भड्डीया मिली है! 
याद रखें- चंहुदडो का उत्खनन अर्नेस्ट मैके ने किया। 
महत्वपूर्ण तथ्य- जहां एक मात्र स्थान था जहां से वक्राकार ईट मिली है यह एक मात्र स्थान था जहां से दुर्ग के साक्ष्य नहीं मिले!  यह सभ्यता का औद्योगिक स्थल था!  ईद पर एक बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते के पंजों के निशान मिले है!

✴️बणवाली- इसकी खोज 1973-74 में रविंद्र सिंह बिष्ट ने घाघरा नदी के तट पर हिसार (हरियाणा) में की  यहां से मिट्टी का हाल प्राप्त हुआ है! 
एक  अर्ध  वृत्ताकार ढांचा प्राप्त हुआ है जिससे मंदिर होने की संभावना व्यक्त की गई है! 
यहां से मिट्टी का खिलौना वाला हल मिला है! 
यहां से एक जोहर का मकान और बास बेसिग भी मिला है! 
✴️रोपड़- इसकी खोज 1955-56 में यज्ञदत्त शर्मा ने पंजाब सतलज नदी के तट पर की यहां से मानव कब्र के नीचे कुत्ते का सवाधान मिला है! 
इसके वर्तमान का नाम रूपनगर है! 
यहां से ताबे की कुल्हाड़ी मिली है
मनुष्य के साथ कुत्ता दफनाने का साक्ष्य मिला! 
✴️ सुरकोटदा- इस स्थल की खोज 1972 में कच्छ गुजरात में यज्ञदत्त शर्मा जी ने की! 
यहां से घोड़े की अस्तियां प्राप्त हुई है! 
यहां से पत्थर से ढकी हुई कब्र मिली है! 
यहां से कलश समाधान भी मिले है! 
✴️रंगपुर- इस स्थान की खोज 1953-54 में रंगनाथ राव ने भादर नदी के तट पर गुजरात के काठियावाड़ जिले में की! 
नष्ट होती सभ्यता के संकेत यही से मिले
यहां से चावल के साथ भी मिले! 
Note- हड़प्पा सभ्यता के लोग चावल घोड़े लोहे से प्रचलित थे! 
✴️ राखीगढ़ी- इसकी खोज 1969 में सूरजभान ने की थी। यह घगर नदी के तट पर हरियाणा में है 
यहां से स्तंभ आयुक्त मंडप के प्रमाण मिले! 
मई 2012 में इसे यूनेस्को ने ग्लोबल हेरिटेज फंड में शामिल किया! 
महत्वपूर्ण- हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा नगर राखीगढ़ी है!
✴️शोर्तुगोई- यह स्थान अफगानिस्तान में है एक मात्र स्थान जहां से नहरो की जानकारी मिली है! 
🎇हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारण-
1. मार्टिमर व्हीलर व गार्डन चाइल्ड के अनुसार इस सभ्यता का अंत आर्य या बाह्य आक्रमण के कारण हो
2. कनेडी महोदय के अनुसार इस सभ्यता का पतन महामारी के कारण हुआ! 
3. जॉन मार्शल के अनुसार इस सभ्यता का पतन प्रशासनिक शिथिलता (गृह युद्ध) के कारण हुआ! 
4. एमआर साहनी के अनुसार इस सभ्यता का पतन भूकंप के कारण हुआ है! 
5. अमलानंद घोष और ऑरेंज स्स्टेइन के अनुसार इस सभ्यता का अंत जलवायु परिवर्तन के कारण हुआ! 

🌅हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख अन्य स्थल-
1. मुण्डीगाटक- यह स्थान अफगानिस्तान में था! 
2. कुंतागी,देशलपुर,मालवण,रोजदी- ये स्थान गुजरात में था! 
3. कुनाल,राखीगढ़ी,बनवाली, मीताथल- यह स्थान हरियाणा में है! 
4. बडगांव,अम्बखेडी- यह स्थान उत्तर प्रदेश में स्थित है! 
5. दैमाबाद प्रवरा नदी के तट पर महाराष्ट्र में है! 
6. सुत्कागेंडोर- राजस्थान 1927 में दशक नदी के तट पर ऑरेंज स्टाइन ने बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में खोजा! 
7. कोटदीजी- यह स्थान 1955-57 में सिंध प्रांत के खैरपुर नगर में फजल अहमद खा ने खोजा! 
8. आलमगीरपुर- यह स्थान 1958 में हिंडन नदी मेरठ से यज्ञदत्त शर्मा जी ने खोजा! 
9. मालवण- यह स्थान ताप्ती नदी के तट पर गुजरात में अल्विन ने खोजा! 

🏵 हड़प्पा सभ्यता से महत्वपूर्ण तथ्य🏵
✴️ इस सभ्यता के प्रमुख बंदरगाह लोथल रंगपुर सुरकोटड़ा,प्रभासपाटन था! 
✴️  लोथल से प्राप्त मृदभांड में एक व्यक्ति पर मुंह में मछली पकड़े हुए चिड़िया और नीचे एक लोमड़ी का चित्र बनाया गया है जो पंचतंत्र की कहानी के समान है! 
✴️ सामान्यत मृदभांड गुलाबी रंग या लाल रंग के होते थे! 
✴️ यह सभ्यता शांतिप्रिय मानी जाती है परंतु लोथल व रोपड़ से ताबे की कुल्हाड़ी के  साक्ष्य  मिले है!
✴️ ताबे की मुहरे लोथल व देसलपुर से मिली है! सबसे अधिक मुहरे मोहनजोदड़ो से मिली है! 
✴️ कालीबंगा और मोहनजोदड़ो से प्राप्त मुहरे पशु बलि के साथ प्रकट करती है! 
✴️ मुहरो में वृषभ, हाथी, गैडे, हिरण मछली घडियाल के चित्र बने थे! 
✴️यह लोग गन्ने से अप्रचलित है
✴️कपास का ज्ञान सबसे पहले इन्हीं को था यूनानी ने कपास को सिण्डल कहा है! 
✴️ हड़प्पा और चंहुदडो से कांसे  की बैलगाड़ी मिली है! 
✴️ लोथर से आटा पीसने वाली चक्की  और हाथी दांत का पैमाना के साक्ष्य मिले है! 
✴️ इस सभ्यता का एक बर्तन ओमान (सऊदी अरब) से मिला! 
✴️ इस सभ्यता की मुख्य फसल गेहूं और जौ थी! 
✴️ डैडमैन लाइन(कंकालो से भरी गली) और कुऐं के साक्ष्य मोहनजोदड़ो से मिले है! 
☀ सिंधु सभ्यता में ईंटों का अनुपात 4:2:1 का होता था!
🌟 चन्हुदडो हड़प्पा सभ्यता में मुद्राओं के उत्पादन का मुख्य केंद्र था!
🏵 इस सभ्यता के प्रमुख आयतीय वस्तुएं-
1. लाजवर्द(भवन निर्माण सामग्री)- अफगानिस्तान
2. सोना- फारस
3. चांदी- ईरान
4. टीन- अफगानिस्तान



आघऐतिहासिक काल( भारतीय इतिहास भाग 2)

             ✴️आघ ऐतिहासिक काल✴️
ऐसा काल जिसमें लिखित साक्ष्य तो मिला है परंतु उसे आज तक पढ़ा नहीं गया! 
इस काल में मृदभांडो का प्रथम प्रयोग हुआ! 
इस काल में धातु का प्रयोग आरंभ हो गया था सबसे पहले प्रयोग लाई  धातु ताबाँ थी! 
सिंधु सभ्यता और वैदिक सभ्यता इस काल के अंतर्गत आती है! 
ताम्र पाषाण युग-
यह का 3000 ईसा पूर्व का था! 
यह कृषि प्रधान ग्रामीण सभ्यता थी! 
इस काल की प्रमुख संस्कृति-
✴️बनास या आयड संस्कृति-
यह संस्कृति राजस्थान में है! 
इसका समय का 2100 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व का था! 
इस संस्कृति को ताम्र सभ्यताओं का पालनहार कहते हैं! 
इस सभ्यता को ताम्बवती सभ्यता भी कहते हैं क्योंकि यहां से सबसे अधिक मात्रा में तांबा प्राप्त हुआ है! 
इस संस्कृति के प्रमुख स्थल- आहत, बालाथल, गिलुड
इस सभ्यता से ताबे की कुल्हाड़ी तांबे की चूड़ियां तांबे की चादर मिली है! 
इस संस्कृति का प्रमुख केंद्र गिलुड था! 

✴️कायथ संस्कृति-
यहां से स्टेराइट व कार्नेलीयन उत्तम किस्म के पत्थरो के साक्ष्य मिले! 
इस संस्कृति के प्रमुख केंद्र कायथ व एरण था! 
प्राकहडप्पा  और हडप्पोत्तर सभ्यता  भी कहते है इसका विस्तार मध्यप्रदेश में हुआ था! 
सबसे अधिक मृदभांड यहीं से प्राप्त हुऐ है! 

✴️जौर्वे संस्कृति- 
यह संस्कृति महाराष्ट्र में फैली थी! 
इस स्थान के प्रमुख स्थल थे- जौर्वे, इनामगाव, नैवामा, दैमाबाद 
✴️इनामगांव- 
ताम्र पाषाण काल की सबसे बड़ी बस्ती थी! 
यह गांव  किले व रवांई से घिरी थी! 
✴️दैमाबाद-
भारी मात्रा में कांसे के बर्तन  मिले हैं जो इसे हड़प्पा सभ्यता मैं जोड़ते हैं और यहां से हाथी गैडे भैसे के प्रमाण मिले हैं जो इसे ताम्र संस्कृति से जोड़ते हैं! 


Saturday, March 26, 2022

मौर्योत्तर काल( भारतीय इतिहास भाग 11)

मौर्योत्तर काल दो भागों में विभाजित हो गया था
1. देसी राज्य- शुंग, कण्व, सातवाहन,चेदी
2.विदेशी राज्य- इंडो ग्रीक शक पार्थियन कुषाण

  ⚫ उत्तर मौर्य काल में उदित देसी राज्य⚫

             ✴️शुंग वंश(185-149 ई.पू.)✴️
संस्थापक- पुष्यमित्र शुंग
इसे औदभिज्जय भी कहा जाता है! 
Note- औद्भिज्जय का अर्थ होता था अचानक  उठने वाला
इसे सनातन या ब्राह्मण धर्म का उदाहरण कहा जाता है
इसे अनार्य भी कहा जाता है! 
Note- बाणभट्ट की हर्षचरित्र में ऐसे अनार्य का गया! 
अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ की हत्या कर यह राजा बना था! 
इसे बौद्ध धर्म के उत्पीड़न के लिए भी जाना जाता है इसने 84 हजार बौद्ध विहारओं को तुड़वाया था! 
इसका पुरोहित पतंजलि था जिसने महाभाष्य की रचना की है! 
कालिदास की रचना मालविकाग्निमित्रम् से यवन आक्रमण की जानकारी मिलती है  इसमें पुष्यमित्र शुंग के पुत्र  अग्निमित्र व विदर्भ राजकुमारी मालविका का प्रेम प्रसंग का पता चलता है! 
हाथी गुफा अभिलेख(उडीसा) के अनुसार कलिंग के राजा खारवेल को पुष्यमित्र शुंग ने हराया था! 
भरहुत स्तूप का निर्माण सतना (मध्यप्रदेश) में पुष्यमित्र शुंग  ने कराया था जिसकी खोज 1873 में कनिंघम ने की! 
बेसनगर अभिलेख(विदिशा mp) इसकी रचना यवन राजदूत हेलियोडोरस ने की थी इसे गरुण स्तंभ लेख भी कहते हैं इसमें सर्वप्रथम भागवत धर्म का वर्णन है इसका संबंध शुंग राजा भागभद्र से है! 
शुंग वंश  का अंतिम शासक देवभूति था इसकी हत्या वासुदेव कण्व ने की थी! 

                        ✴️कण्व वंश✴️
इस वंश का संस्थापक वासुदेव था
इस वंश में चार शासक आए वासुदेव भूमित्र नारायण सुशर्मन.
इस वंश का अंतिम शासक सुशर्मन था  जिसकी हत्या शिमुख की थी! 


               ✴️आंध्र सातवाहन वंश✴️
इसका संस्थापक सिमुक सातवाहन था! 
इस वंश की राजधानी प्रतिष्ठान/पैठण (महाराष्ट्र) थी! 
Note- सातवाहनों ने दक्षिण भारत का प्रथम  साम्राज्य स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है! 
महत्वपूर्ण- अमरावती शैली का विकास इसी वंश के समय हुआ था! 
इस वंश के प्रमुख राजा-
✴️सातकर्णी प्रथम-
इसने एक राजसुय यज्ञ  और दो आश्यमेघ यज्ञ कराये थे! 
✴️हाल-
यह इस वंश का 17 वा राजा था
इसने सर्वप्रथम सोने के सिक्के चलाए थे
इसने भाषा में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ गाथासप्तसती लिखा था! 
हॉल के दरबार में प्रमुख कवि-
गुणाढ्य-  इसने प्रसिद्ध पुस्तक व्रहतकथा लिखी थी
सर्ववर्मन- इसने प्रसिद्ध पुस्तक कातंत्र लिखी थी

✴️ गौतमीपुत्र सातकर्णि-
यह इस वंश का सबसे महान राजा था! 
नासिक से इसके 8000 चांदी के सिक्के मिले है! 
नासिक(जोगलथम्बी) अभिलेख मे इसे  अद्वितीय  ब्राह्मण कहा गया है इस अभिलेख के अनुसार इसके गुणों ने 3 समुंद्र का पानी पिया है! 
इसकी उपाधि वेणकटक स्वामी की थी! 
इसने शक राजा नहपान को हराया था! 

✴️ विशिष्ठी पुत्र पुलवामी-
इस ने आंध्र प्रदेश को जीता आंध्र प्रदेश और अमरावती को अपनी राजधानी बनाई! 
इसमें शक राजा रुद्रदामन को दो बार हराया! 
इसके सिक्को मे दो पलटवार  वाले जहाज के चित्र बना हुआ था! 
इसे पुराणों में पुलोमा कहा गया है! 
ब्राह्मणों को भूमि दान देने वाले प्रथम शासक सातवाहन  ही थे! 
मुफ्त दी जाने वाली भूमि को अग्रहर कहा जाता था! 
सात वाहनों की राजकीय भाषा प्राकृत तथा लिपि ब्राह्मी थी! 
इस वंश के समय भृगुकक्ष बंदरगाह था जिसे यूनानीयों ने बोरीगाजा बंदरगाह कहां है! 
यह राजा मां को इज्जत देने के लिए उसका नाम अपने नाम के आगे लगाते थे! 

✴️चेदि या  महामेघवाहन वंश✴️
कलिंग मैं इस राजवंश की स्थापना प्रथम शताब्दी महा मेघवाहन ने की थी! 
खारवेल किस वंश का प्रमुख राजा था जिसका संबंध हाथी गुफा अभिलेख से है! 
यह वंश जैन धर्म से संबंधित है! 
कलिंग की राजधानी दो थी- तोसली व जौगढ
इसी वंश के बाद इछवाकु, आभीर, चुटुशातकर्णो नामक वंशो का उदय हुआ! 

Wednesday, March 23, 2022

भारत में विदेशी आक्रमण (भारतीय इतिहास भाग 9)

           ✴️ भारत में विदेशी आक्रमण✴️
प्राचीन भारत में प्रथम विदेशी आक्रमण ईरान के हखामनी वंश के राजाओं ने किया! भारत पर  प्रथम विदेशी आक्रमण 526 ईसा पूर्व डेरियस प्रथम(दारा प्रथम) के सेनापति स्काईलेक्स ने  किया और गांधार को जीता! 
ईरान के आक्रमण से भारत में प्रभाव-
1. समुद्री मार्ग की खोज
2. खरोष्ठी लिपि व अरमाइक का विकास

✴️ सिकंदर महान-
इसका जन्म मकदूनिया यूरोप में 356 ईसा पूर्व में हुआ इसके पिता का नाम फिलीप द्वितीय था! 
इसकी मृत्यु बेबीलोनिया(एशिया) में 323 ईसा पूर्व में हुई! 
इसका अंतिम संस्कार सिकंदरिया (अफ्रीका) में किया गयाl
सिकंदर भारत में दूसरे विदेशी आक्रमण और प्रथम यूरोपी आक्रमण करने वाला शासक था! 
सिकंदर हिंदूकुश पर्वत के खैबर दर्रे से 326 ईसा पूर्व में  भारत आया था! 
तक्षशिला के साथ आम्भी ने सिकंदर की अधीनता स्वीकार की थी! 
सिकंदर के आक्रमण के समय  अश्वक (राजधानी मस्सग) नामक गणराज्य की स्त्रियों ने शस्त्र धारण किए थे! 
झेलम नदी के तट पर सिकंदर ने पंजाब के राजा पोरस को हराया था इस युद्ध को हाइड्रोस्पीज या वितिस्ता का युद्ध भी कहते हैं! 
19 महीने के बाद तक भारत में रहने के बाद इसकी सेना ने व्यास नदी पार करने से इंकार कर दिया! इसके बाद सिकंदर ने अपने विद्युत क्षेत्र अपने सेनापति फिलिप को देखकर स्थल मार्ग से वापस लौट गया! 
सिकंदर ने दो नगर बस आए थे-
निकैया- भारत विजय के उपलक्ष्य पर
बऊकेफला- अपने प्रिय घोड़े की याद में
सिकंदर के आक्रमण से क्षप प्रणाली व मुद्रा निर्माण की कला विकसित हुई! 
सिकंदर प्रथम शासक है जिसकी मृत्यु जन्म और अंतिम संस्कार विभिन्न  महाद्वीपों में हुआ! 

मगध का उदय( भारतीय इतिहास भाग 8)

                  🟠 मगध का उदय🟠
मगध महाजनपद अखंड भारत की परिकल्पना को सिद्ध करता है इतने कौशल वत्स तथा अवंती को पराजित कर एक नए मगध की नींव रखी! 
मगध में राजवंश का उदय-
मगध में तीन राजवंश थे परंतु पुराणों के अनुसार चार  राजवंश थे-
1. ब्रहद्रथ  2. हर्यक 3. शिशुनाग 4.नंद 

1.हर्यक  वंश-
इस वंश को मगध का वास्तविक वंश माना जाता है इसके संस्थापक हर्यक थे! 
इस वंश को पित्र हंता वंश कहा जाता है! 
✴️ बिंबिसार-
इस वर्ष का एक शासक बिंबिसार था जिसने अपनी राजधानी राजगृह या गिरीब्रज बनाई! 
जैन साहित्य में इसे श्रेणिक कहा गया! 
इतने विवाह नीति द्वारा राज्य का विस्तार किया! 
इसका पहला विवाह लिच्छवि की राजकुमारी चेलना के साथ हुआ जिससे पुत्र अजातशत्रु का जन्म हुआ! 
इसका दूसरा विवाह मोडरा (मंद्र) की राजकुमारी क्षेमा से हुआ! 
इसका तीसरा विवाह कौशल की राजकुमारी महाकौशला देवी से हुआ और दहेज में इसे काशी गांव मिला! 
Note- भारतीय इतिहास का पहला दहेज का उदाहरण बिंबिसार तथा महाकौशला देवी का विवाह है! 
😂 महावग्ग नामक ग्रंथ के अनुसार बिंबिसार की 500 रानियां थी! 
Important- बिंबिसार का राज वैद्य जीवक था जो अवंती नरेश चंडप्रघोत के पांडुरोग अर्थात पीलिया के इलाज के लिए गया था! 
बिंबिसार की हत्या उसके पुत्र अजातशत्रु ने की! 


✴️ अजातशत्रु-
इसे कुनिक या लिच्छिवी दौहित्र कहा जाता है! 
Important- वैशाली(लिच्छवी) विश्व का पहला गणतंत्र वाला राज्य था! 
इसी के समय में सप्तपर्णी गुफाएं में प्रथम बौद्ध संगीति हुई! 
इसकी हत्या इसके पुत्र उदायनी ने की! 

✴️ उदायनि-
पुराणों के अनुसार  किसने गंगा तथा सोन संगम में कुसुमपुर या पुष्पपुर की स्थापना की जिसे पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता है! 
इसने पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी भी बनाया! 
इसने जैन धर्म को अपनाया था! परंतु अजातशत्रु बौद्ध धर्म का अनुयाई था! 
इस वंश का अंतिम शासक नाग दशक था जिसकी हत्या शिशुनाग ने की थी! 

2. शिशुनाग वंश-
इसका संस्थापक शिशुनाग था जिसने अपनी राजधानी वैशाली बनाई! 
✴️ कालाशोक-
इसने अपनी राजधानी पाटलिपुत्र बनाई! 
इसे पुराणों में काकवर्ण कहा गया
यह बौद्ध धर्म का अनुयाई था इसके समय में द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में हुआ! 
इस वंश का अंतिम राजा नंदी वर्धन था! 

3. नंद वंश-
इस वंश को इतिहास का प्रथम अनार्य वंश या क्षत्रीय वंश कहते हैं! 
याद रखे- पुष्यमित्र शुंग को अनार्य कहते है! 
नंद वंश का संस्थापक महापदमनंद था
✴️महापदमनंद-
इसे भार्गव द्वितीय परशुराम एकराट  एकच्छत्र सर्वक्षत्राहंतक के नाम से भी जाना जाता है! 
✴️ घनानंद-
यह एक अत्याचारी राजा था  जो जैन धर्म को मानता था! 
इसे जेनोफोन की बुक में अग्रमीज कहा गया है! 
यह सिकंदर का समकालीन था इस वंश का अंतिम शासक भी यही था जिसे चाणक्य की  मदद से चंद्रगुप्त ने पराजित किया और मौर्य वंश की नींव रखी! 

महाजनपद का उदय 6 भाग

             ✴️महाजनपद का उदय✴️
गार्डन चाइल्ड ने अपनी पुस्तक अर्बन रेवोलुशन में महाजनपद काल को द्वितीय नगरी क्रांति कहा है इसका आधार लोगों को माना था! 
🟠 महाजनपदों की सूची का स्त्रोत-
1. बौद्ध ग्रंथ- अंगुत्तर निकाय और महावस्तु
2. जैन ग्रंथ- भगवती सूत्र
✴️सबसे अधिक शक्तिशाली जनपद- मगध कौशल वत्स अवंती
✴️16 महाजनपदों में से वज्जि व  मल्ल में गणतंत्र  बाकी में राजतंत्र था! 
✴️विश्व का सबसे प्राचीन नगर पाटलिपुत्र था! 
बौद्ध ग्रंथ महापरिनिर्वाणसूत्त के अनुसार प्राचीन ✴️भारत के 6 महानगर चंपा राजगृह श्रावस्ती कौशांबी काशी साकेत(अयोध्या) का वर्णन है! 

16 महाजनपद  का वर्णन-
1. काशी-
✴️ इसकी राजधानी वाराणसी थी! 
✴️ इसका प्रथम उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है! 

2. कौशल-
इसकी राजधानी श्रावस्ती वर्तमान का फैजाबाद मंडल थी! 
महाकाव्य काल में कौशल की राजधानी अयोध्या दी! 

3. अंग-
इसकी राजधानी वर्तमान चम्पा अर्थात वर्तमान का भागलपुर (मुंगेर) थी! 

4. मगध- 
इसकी राजधानी राजगृह या गिरीब्रज अर्थात वर्तमान का दक्षिणी बिहार थी! 
यह महाजनपद काल का सबसे प्राचीन तथा सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद था! 

5. चेदी- 
इसकी राजधानी सूक्तिमति अर्थात वर्तमान का बुंदेलखंड थी! 

6. वत्स-
इसकी राजधानी कौशांबी अर्थात वर्तमान का बांदा (इलाहाबाद) थी! 

7. असमक-
इसकी राजधानी पोतना या पोटली थी जो बाद में प्रतिष्ठान बनी! 
यह महाजनपद एकमात्र महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर था! 

8- गांधार-
इसकी राजधानी तक्षशिला थी अर्थात वर्तमान का रावलपिंडी पेशावर (पाकिस्तान) थी! 

9. मत्स्य-
इसकी राजधानी विराट नगर अर्थात वर्तमान का अलवर (भरतपुर "जयपुर") थी! 
मत्स्य की राजधानी विराटनगर में ही पांडव अज्ञातवास अर्थात प्रवास के दौरान रुके थे! 

10- कम्बोज-
इस महाजनपद की राजधानी राजपूर थी  अर्थात वर्तमान का चाहाटक (कश्मीर) थी! 
यह क्षेत्र घोड़ों के लिए प्रसिद्ध था! 

11. कुरु
इनकी राजधानी इंद्रप्रस्थ अर्थात वर्तमान का मेरठ ,दिल्ली  का क्षेत्र था! 
यहां का राजा कौरव्य था इसके पौत्र कौरव तथा पांडव थे! 

12. पांचाल-
इसकी दो राजधानी थी-
उत्तर पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र अर्थात बरेली रामनगर वाला क्षेत्र.
दक्षिण पांचाल इसकी राजधानी काम्पिल्य अर्थात वर्तमान का फर्रुखाबाद थी! 

13. शूरसेन-
इसकी राजधानी मथुरा अर्थात ब्रजमंडल थी ! 
यही के राजा श्री कृष्ण थे! 

14. अवंती
इसकी भी दो राजधानियां थी-
उत्तर अवंती क्षेत्र की राजधानी उज्जैनी
दक्षिण अंतिकी की राजधानी महिष्मति

15. वज्जी-
इसकी राजधानी वैशाली अर्थात वर्तमान का बिहार थी! 
यह एक आठ राज्यों का संघ था! 

16. मल्ल
इसकी राजधानी कुशीनगर तथा पावा  अर्थात वर्तमान का गोरखपुर (देवरिया)  क्षेत्र था! 

✴️बुद्ध के समय 10 गणतंत्र थे!
1. कपिलवस्तु के शाक्य
2. सुमसुमारा के भग्ग
3. अलकप्प के बुली 
4. केसमुत्ति के कलाम 
5. रामग्राम के कोलिय
6. कुशीनारा के मल्ल 
7. पावा के मल्ल
8. पिप्पलिवन के मोरिय
9. वैशाली के लिच्छवि
10. मिथिला के विदेह

Monday, March 21, 2022

उत्तराखंड की विगत परीक्षा में आए सामान्य ज्ञान के प्रश्न-

✴️ उत्तराखंड की विगत परीक्षा में आए सामान्य ज्ञान के प्रश्न✴️
1- यंग इंडिया के संपादक कौन थे- महात्मा गांधी
Note- यह एक अंग्रेजी अखबार था जो 1919 मे निकला था जो 12 वर्षों तक चला! 
2- यूरोपीय संघ का मुख्यालय है- ब्रुसेल्स
Note- यूरोपीय संघ मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में है। 1993 में मास्ट्रिच संधि पर हस्ताक्षर के साथ यूरोपीय संघ अस्तित्व में आया। इसमें 27 देश है! 
3- शिक्षा परीक्षण एवं स्वास्थ्य पर किया गया वह क्या कहलाता है- मानव पूंजी
Note-मानव पूंजी एक अवधारणा है जिसका उपयोग अर्थशास्त्रियों और सामाजिक वैज्ञानिकों द्वारा उत्पादन प्रक्रिया में उपयोगी मानी जाने वाली व्यक्तिगत विशेषताओं को नामित करने के लिए किया जाता है। इसमें कुछ नाम रखने के लिए कर्मचारी ज्ञान, कौशल, जानकारी, अच्छा स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल है। 
4- ईस्ट इंडिया कंपनी को दीवानी प्रदान की थी- शाह आलम द्वितीय
Note- मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने 1765 में ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी दी। बक्सर की लड़ाई अंग्रेजों और मीर कासिम, शुजा उद दौला जो अवध के नवाब थे और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच लड़ी गई थी। यह लड़ाई अंग्रेजों ने जीती थी।
5- संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई थी- 9 दिसंबर 1946 को
Note- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हॉल, जिसे अब संसद भवन के केंद्रीय कक्ष के नाम से जाना जाता है, में हुई। इसकी अध्यक्षता सच्चिदानंद सिन्हा ने कीl
5- 1932  में कोलकाता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बंगाल के गवर्नर पर किस क्रांतिकारी महिला ने गोली चलाई- बिना दास
Note- 6 फरवरी 1932 को कलकत्ता विश्वविद्यालय में समावर्तन उत्सव( दीक्षांत समारोह) मनाया जा रहा था। बंगाल के अंग्रेज लाट सर स्टैनले जैकसन मुख्य अतिथि थे। उस अवसर पर कुमारी वीणादास जो उपाधि लेने आई थी ने गवर्नर पर गोली चला दी।
6- वायु की गति मापने वाला यंत्र है- एनीमोमीटर
7- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कब मनाया जाता है- 24 अप्रैल
Note- भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने 24 अप्रैल 2010 को पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस घोषित किया था। 
8- राज्य के नीति निर्देशक तत्व का उद्देश्य है-  लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना
Note- राज्य के नीति निर्देशक तत्व (directive principles of state policy) जनतांत्रिक संवैधानिक विकास के नवीनतम तत्व हैं। सबसे पहले ये आयरलैंड (Ireland) के संविधान मे लागू किये गये थे। ये वे तत्व है जो संविधान के विकास के साथ ही विकसित हुए है। इन तत्वों का कार्य एक जनकल्याणकारी राज्य (वेलफेयर स्टेट) की स्थापना करना है। इनका वर्णन भारतीय संविधान के चौथे भाग में 36 से 51 अनुच्छेद में किया गया! 
9- भारत में गरीबी का सर्वप्रथम अनुमान किया गया- बगीचा सिंह मीन्हास द्वारा
Note- भारतीय गरीबी के निर्धारण का आधार उद्योग में है
1971 में आजादी के बाद सबसे पहले दांडेकर रथ फार्मूले के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से गरीबी का निर्धारण किया गयाl
1979 में अलघ समिति की रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्रों में 2100 कैलोरी से कम उपयोग करने वाले व्यक्ति को गरीब माना जाता है! 
लकड़वाला समिति ने 1989 गरीबी का निर्धारण मूल्य स्तर के आधार पर किया! 
गरीबी के आंकड़े  राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) प्रदर्शित करता है ! 
10-तृतीय अंग्रेज मराठा युद्ध के दौरान गवर्नर जनरल कौन था- लॉर्ड हेस्टिंग्स
Note-  अंगेज़ों और मराठों के मध्य तीन आंग्ल-मराठा युद्ध हुए
✴️प्रथम युद्ध (1775 - 1782 ई.) में   हुए प्रमुख संधि-
सूरत की संधि 1775 रघुनाथ राव और अंग्रेजों के मध्य, 
पुरंदर की संधि 1776 तथा बड़गांव की संधि 1789 में हुई! 
सालबाई की संधि पुणे दरबार और अंग्रेजों के मध्य 1782 में हुई से ही युद्ध की समाप्ति हुई! 
 महत्वपूर्ण- इस युद्ध में कर्नल कीटिंग, कर्नल अप्टन, कर्नल एगटस तथा उसके बाद कर्नल काकबर्क ने अग्रेजों की अगुवाई की। इस समय काल में वारेन हेस्टिंग बंगाल का गवर्नर था।
✴️द्वितीय युद्ध (1803 - 1805 ई.)
✴️तृतीय युद्ध (1817 - 1819 ई.)-इस युद्ध में अंग्रेजों ने लार्ड मार्क्विस हेस्टिंग्स के नेतृत्व में युद्ध लड़ा और मराठों की तरफ से बाजीराव द्वितीय एवं अन्य मराठा सरदारों ने अगवाई की थी यह युद्ध “पूना की संधि” से समाप्त हुआ अंग्रेजों द्वारा पेशवा का पद समाप्त कर दिया गया।

11- सिमलीपाल जीव मंडल स्थित है- उड़ीसा
Note- उड़ीसा में चिलिका वन्यजीव अभयारण्य,कोटगढ़ वन्यजीव अभयारण्य,हदगढ़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य,नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क, सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख है! 

12- राज्यसभा के राष्ट्रपति का चुनाव किस निर्वाचन मंडल के द्वारा होता है- संसद के समस्त सदस्य द्वारा
Note- भारत के संविधान का अनुच्छेद 63 यह उपबंध करता है कि भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा। अनुच्छेद 64 और 89 यह उपबंध करते हैं कि भारत का उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा।
13- भारत में श्वेत क्रांति के जनक माने जाते हैं- वी कोरियर
Note-श्वेत क्रान्ति को ऑपरेशन फ्लड के नाम से भी जाना जाता हैं। इसे 1970 में लांच किया गया  1 जुलाई 2001 से विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है! 
14- भरतपुर के जाट राज्य की स्थापना की गई थी- सूरजमल और बदन सिंह द्वारा
Note- सूरजमल जाट राज्य का एक योग्य एवं विद्वान शासक था जिसके शासनकाल में जाट राज्य अपने चरणों उत्कर्ष पर था इसे जाटों का अफलातून भी कहा जाता हैl
15-भारत में वन नीति कब लागू हुई- 1952
 Note- भारत सरकार ने पहली राष्ट्रीय वन नीति 1952 में जारी की थी। परन्तु भारत में वन नीति की शुरुआत ब्रिटिश काल में 1894 में हो गयी थी। 1952 और 1988 में इसमें संशोधन किये गए।
16- बंदी प्रत्यक्षीकरण लेख जारी किया जाता है- व्यक्ति को न्यायालय के सामने प्रस्तुत करने के लिए
Note-सर्वोच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, निषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा प्रादेश (रिट, writ) जारी करने का अधिकार दिया गया है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 - जो एक मैलिक अधिकार नहीं है - मूल अधिकारों का उल्लंघन न होने पर भी इन विशेषाधिकार प्रादेशों को जारी करने का  अधिकार है! 
17-मौसम की संबंधित दशाएं वायुमंडल की किस परत में होती है- क्षोभ मंडल
Note- क्षोभ मंडल- मौसम संबंधी परिवर्तन इसी मंडल में होते हैं इसलिए इसे परिवर्तन मंडल भी कहते हैं! 
समताप मंडल- ओजोन परत में पाए जाने वाले इस मंडल में ताप संबंधित घटनाएं होती है इसे ओजोन मंडल भी कहते हैं! 
18- विश्व व्यापार संगठन किस संगठन का उत्तराधिकारी है- जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड ट्रेरिफ
Note- विश्व व्यापार संगठन की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी। यह एक अंतर-सरकारी संगठन है जो राष्ट्रों के बीच अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के नियमन से संबंधित है। वर्तमान में, 164 देश इस संगठन के सदस्य हैं। WTO के वर्तमान महानिदेशक रॉबर्टो अज़ेवेडो और मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में हैं।
19- बाबा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित बाबा कवच है- भारतीय सैनिक बलों हेतु बनाया गया अगली पीढ़ी के हल्के वजन की बुलेट प्रूफ जैकेट
Note- बाबा परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना 3 जनवरी 1954 को मुंबई में हुईl
20- पॉवर्टी एंड अनब्रिटिश रूल ऑफ इंडिया के लेखक हैं- दादा भाई नौरोजी
 Note- दादा भाई नौरोजी को भारत का ग्रैड ओल्ड मैन कहते हैं उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय आय की गणना की थीl
21- भारत में काम के बदले अनाज कार्यक्रम शुरू किया गया- 1977-78
Note- काम के बदले अनाज पांचवी पंचवर्षीय योजना में अंत्योदय योजना(1977-78) के साथ शुरू की गईl
👉भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक नए "काम के बदले अनाज" कार्यक्रम की 14 नवंबर 2004 से शुरूआत की है. उन्होंने यह नया कार्यक्रम आंध्र प्रदेश में रंगा रेड्डी ज़िले के अलूर गाँव से शुरू की! 
22- डचों ने बंगाल में अपने पहले केंद्र की स्थापना की- चिनसुरा
Note- प्रथम डच गवर्नर: पीटर बोथ। भारत में उन्होंने 1605 में मुस्लीपट्टनम में पहला कारखाना स्थापित किया, उसके बाद 1610 में पुलिकट, 1616 में सूरत, 1641 में बिमिलीपट्टम और 1653 में चिनसुराह में स्थापित किया। चिनसुराह का कारखाना बिहार, बंगाल, उड़ीसा और बांग्लादेश में सभी डच एजेंसियों और कारखानों का मुख्यालय था।
23- हड़प्पा कालीन स्थल लोथल कौन से राज्य में है- गुजरात
Note- लोथल गुजरात के अहमदाबाद ज़िले में 'भोगावा नदी' के किनारे 'सरगवाला' नामक ग्राम के समीप स्थित है।खुदाई 1954-55 ई. में 'रंगनाथ राव' के नेतृत्व में की गई।
24- सीमांत गांधी के नाम से किसे जाना जाता है- खान अब्दुल गफ्फार खान
Note- ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान सीमाप्रांत और बलूचिस्तान के एक महान राजनेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने कार्य और निष्ठा के कारण "सरहदी गांधी", "बच्चा खाँ" तथा "बादशाह खान" के नाम से पुकारे जाने लगे।
25- संयुक्त राष्ट्र निशस्त्रीकरण आयोग की स्थापना की गई- 11 जनवरी 1952
26- किस अधिनियम के द्वारा वर्मा को भारत से पृथक किया गया- अधिनियम 1935
Note- 1935 के अधिनियम में केंद्र में द्वैध शासन (दोहरा शासन) की व्यवस्था लागू की गई थी।
27- भारत सरकार ने किसानों के लिए राष्ट्रीय नीति मंजूर की- 2007
28- स्वेज नहर दोनों सिरे पर स्थित पतन युग्म में है- पोर्ट सईद व तेंफिक
Note- स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती हैl 
29- नाबार्ड की  स्थापना- 12 जुलाई 1982
Note-NABARD का फुल फॉर्म National Bank For Agriculture and Rural Development या राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है. इसका मुख्यालय (headquarter) मुंबई, महाराष्ट्र में है. नाबार्ड की स्थापना वर्ष 12 जुलाई 1982 में विकास सहायता' और 'गरीबी में कमी' लाने के लिए की गई थीl
30- भारत में वस्तु निर्यात के अंतर्गत सभी देशों को कितने भागों में विभाजित किया है- तीन भागो में
31- ओ.पी.ई.सी.का मुख्यालय- वियना
Note- 1960 से ही इस संगठन का मुख्यालय विएना में है जहाँ सदस्य देशों के तेल मंत्रियों की समय-समय पर बैठक हुआ करती है। 
32- गांधी जी द्वारा किए गए आंदोलन का सही क्रम है - चंपारण आंदोलन(1917) खेड़ा सत्याग्रह (1918) अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन(1918) खिलाफत आंदोलन (1919) सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)